कुछ है मेरे पास तुम्हें बताने के लिए वह सब कुछ मैं तुम्हें सिर्फ बताना नहीं चाहता बल्कि महसूस कराना चाहता हूं. तुमको भी बताने के लिए मुझे बहुत कुछ होता होगा खैर तुम थक गई होगी. क्योकि मैं बेवकूफ हूँ इसलिए तुमने बताना छोड़ दिया

कभी कभी आंखो के सामने घटने वाली घटनाएं से बहुत कुछ कहना चाहती हैं अपने दुख सुख बताना चाहती हैं पर हम ही सुनकर भी अनसुना कर देते हैं कभी कभी बेमानी से लगने वाले रास्ते हमें ले जाते हैं खूबसूरत सी मंजिलों की तरफ, जिसके बारे में हम लाख सोच कर भी नहीं सोच सकते

सुनो मैं तुम्हारे साथ जीना चाहता हूं उन खूबसूरत पलों को जिनमें वक्त जैसी जल्दबाजी ना हो हर चीज बीत जाने का गम ना हो, उन पलों में केवल हो तो बस ठहराव, खूबसूरत सा आलस भरा फल, जिनमें हम महसूस कर सकें एक दूसरे को

तुम्हारे पास आने के लिए मैं कोई बोझिल सी सड़क नहीं लेना चाहता, बल्कि पहुंचना चाहता हूं उन पगडंडियों के सहारे जिनमें कहीं पहुंचने की जल्दबाजी ना हो, जहां हम ठहर सके बिना वक्त का खयाल किए हुए मैं तुमसे कहना जरूर चाहता हूं क्योंकि मैं नहीं चाहता कि हम दोनों में कुछ भी अनकहा रह जाए हां अनसुना होना तुम्हारे ऊपर निर्भर करता हैँ.अंतिम पड़ाव में मैं शायद तुम्हारे जहन मे ना रहूं, लेकिन मुझे किस बात का यकीन जरूर है कि तुम्हारी यादों मे ये पल जरूर आएंगे, यह पगडंडी भी आएंगी और उन रास्तों के सहारे मैं भी तुम तक जरूर पहुंच जाऊंगा, उस वक्त हमारे जहन में इन यादों के सिवा और कुछ हो भी नहीं सकता

उस वक्त हम कोशिश करेंगे एक दूसरे में एक दूसरे को खोजने की, जहां मैं हम मे सिमट जाएगा, जहां दूरियां लम्हों में बदल जाएंगी l

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