नताशा और हार्दिक
तलाक़ पति-पत्नी दोनों में होता है सिर्फ़ पत्नी में नहीं लेकिन भारत में लोगों को यह बात समझ नहीं आती है. तलाक़ जब भी किसी का होता है क़सूरवार औरतें ठहरा दी जाती हैं. हार्दिक और नताशा में तलाक़ हुआ लेकिन ट्रोल सिर्फ़ नताशा हो रही हैं क्योंकि वो पत्नी हैं और घर तोड़ने की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर आती है, नहीं !
अब एक और बात, साथ में रहकर एक-दूसरे का खून पीने से कहीं बेहतर है अलग हो जाना, पति-पत्नी न सही दोस्त बनकर सकून से रहना. भारत में जो शादियाँ कम टूटती हैं वो संस्कार की वजह से नहीं बल्कि समाज क्या करेगा और औरतों को आर्थिक आज़ादी नहीं है इस वजह से तलाक़ की तादाद में कमी है. इस भूल में मत रहिए है कि प्यार है इसलिए शादियाँ चल रही हैं. आधी शादियाँ मजबूरी में चल रही हैं.
तो ऐसी शादियाँ जहां माँ-बाप बच्चे के सामने लड़ रहे हैं उससे कहीं बेहतर हार्दिक और नताशा जैसे लोग हैं जो बच्चों को एक बेहतर वातावरण देने के लिए अलग हो कर पाल रहे हैं.
नताशा और हार्दिक दोनों के लिए शुभकामनाएँ. दोनों प्यार से अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ें यही दुआ है.
#BeingLogical
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